Wednesday, 13 April 2016

‪‎लखनऊ‬ का ‪‎गेस्टहाउस‬ काण्ड ...


1995 की बात है ‪‎

लखनऊ‬ का ‪‎गेस्टहाउस‬ काण्ड ...



जब समाजवादी‬ पार्टी के गुंडों ने दलित महिला मायावती‬ को कमरे में बंद करके मारा था और उनके कपड़े फाड़ दिए थे ...रेप होने ही वाला था । तब मायावती को अपनी जान पर खेलकर सपाई गुंडों से अकेले भिड़ने वाले बीजेपी विधायक ‪‎ब्रम्हदत्त‬द्विवेदी ही थे . उनके पर जानलेवा हमला हुआ फिर भी वो गेस्टहाउस का दरवाजा तोड़कर मायावती जी को सकुशल बचा कर बाहर निकाले थे .. यूपी की राजनीती में इस काण्ड को गेस्टहाउस काण्ड कहा जाता है और ये भारत के राजनीती पर कलंक है .. खुद मायावती ने कई बार कहा है की जब मै मुसीबत में थी तब मेरी ही पार्टी के लोग गुंडों से डरकर भाग गये थे लेकिन ब्रम्हदत्त द्विवेदी भाई ने ही अपनी जान की परवाह किये बिना मेरी जान बचाई थी |

ये बात मै उन दलित‬ मित्रो को याद दिलाने के लिए लिख रहा हूँ जो कुछ मुस्लिम लोगो के बहकावे में आकर संघ‬ और बीजेपी‬ और ‪‎हिंदुत्व‬ के बारे में बहुत खराब लिख रहे है .. ब्रम्हदत्त द्विवेदी संघ के ‪‎संघसेवक‬ थे और उन्हें लाठीबाजी आती थी इसलिए वो एक लाठी लेकर कट्टा राइफल लिए हुए सपाई गुंडों से भीड़ गये थे| मायावती ने भी उन्हें हमेशा अपना बड़ा भाई माना और कभी उनके खिलाफ अपना उम्मीदवार खड़ा नही किया ..मजे की बात ये की पुरे यूपी में मायावती बीजेपी का विरोध करती थी लेकिन फर्रुखाबाद में ब्रम्हदत्त जी के लिए प्रचार करती थी ... और जब सपाई गुंडों ने बाद में उनकी गोली मारकर हत्या करदी थी तब मायावती उनके घर गयी थी और खूब फुट फुटकररोई थी और उनकी विधवा जब चुनाव में खड़ी हुई थी तब मायावती ने उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार न ही उतारा था और लोगो से अपील की थी की मेरी जान बचाने के लिए दुश्मनी मोल लेकर शहीद‬ होने वाले मेरे भाई की विधवा को वोट दे ..

बीजेपी और आरएसएस‬ से जुड़े जो भी होते है वो अपनी जान की परवाह नही करते हुए अबला कमजोर की मदद करते है और देश कल्याण का ही काम करते है। आरएसएस को बदनाम करनेवालो दोगलो आरएसएस क्या है पहले‪ ‎आरएसएसकी‬ शाखा में जाकर कुछ वक्त दो सिर्फ धन दोलतको ही अपना सब कुछ समझने वाले आरएसएसको‬ कभी जान न पाओगे।

http://www.amarujala.com/news-archives/india-news-archives/lucknow-guest-house-incident-and-mayawati-hindi-news-ap
Share This
Previous Post
Next Post

Pellentesque vitae lectus in mauris sollicitudin ornare sit amet eget ligula. Donec pharetra, arcu eu consectetur semper, est nulla sodales risus, vel efficitur orci justo quis tellus. Phasellus sit amet est pharetra

0 comments: